महामारी, हल्के या लापरवाही से इस्तेमाल करने वाला शब्द नहीं है। तीसरी लहर - शहर बानो
हम सभी पिछले दो वर्षो से कोरोना महामारी को स्पष्ट देख रहे हैं यह वायरस अब भी मानव को संक्रमित कर रहा है इस वायरस के चपेट में आने से अंगिनत लोगो ने जान गवाँए हैं ऐसे मे हम सभी को एक बार फिर सर्तक और जिम्मेदार हो जाना चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि दूसरी लहर मे हुई गलतियाँ को न दोहराए और दूसरी लहर की घटनाओ को देखते हुए हमलोगो को तीसरी लहर ओमीक्रोन को हराने के लिए कठिन सी कठिन कदम उठाना होगा। जैसा कि विश्व स्वास्थय संगठन ने कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रान को बेहद तेजी से फैलने वाला चिंताजनक वेरिएंट करार दिया है कुछ ही समय मे दुनियाभर के देशों ने यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिए, जहाँ इस वरिंएट के मामले सामने आए हैं। पिछले वर्षो से हमसभी इस महामारी से अच्छी तरह वाक़िफ़ हैं। जिसमे आँखो देखा लाश जिसे शमशान मे जलाने के लिए लकड़ीयों कि कमी और मुर्दो को दफ़नाने के लिए जगह नहीं बची थी। कोरोना की दूसरी लहर ने हम सभी के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है इस दौरान लोगों को कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा जहां कई लोग इस घटना से बचे रहे, वहीं न जाने ...